Tuesday, April 12, 2011

कभी मिले तो ये बात उसे कहना .

वो  साथ  था  तो  ज़माना  था  हमसफ़र  मेरा ...मगर  अब  कोई  नहीं  मेरे  साथ उसे  कहना ...!!!उसे  कहना  कि बिन  उसके  दिन  नहीं  कट्टा ..सिसक  -सिसक  क  कटती  है  ये  रात  उसे  कहना  ..!! उसे  पुकारो  के  खुद पोहुच  जाऊ  उसके  पास ...मगर  अब  नहीं  रहे  वो  हालात  उसे  कहना ...!!! अगर  वो  फिर  भी  न  आये  तो  एय  महेरबा ,... मेरी  जिस्ट  के  सब  हालात  उसे  कहना ...!!! हर  जीत  उसके  नाम कर  रहा  हूँ  मैं ..मैं  मानता  हूँ  अपनी  हार  उसे  कहना ...!!!बिखर  रही  है  मेरी  ज़ात उसे  कहना ...कभी  मिले तो  ये  बात  उसे  कहना ...!!!!